Iran-US War Update: ईरान ने बढ़ाया शांति का हाथ, अमेरिका के साथ बातचीत की तैयारी, पाकिस्तान करा रहा है बीच-बचाव

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग अब शांति की ओर बढ़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के प्रतिनिधि ने युद्ध खत्म करने के लिए गंभीर राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया है। पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता से इस बड़े संकट को टालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

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शांति के लिए पाकिस्तान और UN की क्या कोशिशें हैं

पाकिस्तान इस युद्ध को रोकने में एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल Asim Munir 16 अप्रैल को तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मिलने वाले हैं। उनका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर शुरू करवाना है। वहीं UN के सेक्रेटरी जनरल Antonio Guterres ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना है।

चीन का स्टैंड और होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद

चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से बात की है। चीन चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय मांग के मुताबिक Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए ताकि जहाजों की आवाजाही आसान हो सके। हालांकि, चीन ने यह भी कहा है कि ईरान की संप्रभुता का सम्मान होना जरूरी है। फिलहाल इस रास्ते पर अमेरिका ने नेवल ब्लॉकेड लगा रखा है और ईरान ने इसे बंद कर दिया है।

युद्ध और बातचीत से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विषय विवरण
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों से
सीजफायर अपडेट 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मदद से 2 हफ्ते का समझौता हुआ
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi
UN सेक्रेटरी जनरल Antonio Guterres
मुख्य मध्यस्थ देश पाकिस्तान और चीन
विवादित क्षेत्र Strait of Hormuz और लेबनान
लेबनान स्थिति हिज़्बुल्लाह की भूमिका पर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद

लेबनान और UN कमेटी को लेकर क्या विवाद है

लेबनान में हिज़्बुल्लाह की भूमिका को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच खींचतान चल रही है। ईरान और पाकिस्तान चाहते हैं कि लेबनान का मुद्दा भी सीजफायर में शामिल हो, लेकिन अमेरिका और इसराइल इसे मानने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने UN की कुछ कमेटियों में ईरान, क्यूबा और निकारागुआ के नाम पर आपत्ति जताई है क्योंकि उनका मानव अधिकार रिकॉर्ड सही नहीं है।