ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हो रहे सैन्य हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 23 मार्च 2026 को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि इन हमलों से न केवल पर्यावरण बल्कि इंसानी जीवन को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि परमाणु केंद्रों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

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परमाणु ठिकानों पर हमलों से क्या खतरा हो सकता है?

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अपने पत्र में आगाह किया है कि Bushehr जैसे परमाणु बिजली संयंत्रों पर हमला होने से रेडियोधर्मी पदार्थों (radioactive materials) का रिसाव हो सकता है। यह रिसाव ईरान के अंदर और बाहर दोनों जगह बड़े पैमाने पर आबादी को नुकसान पहुंचा सकता है। IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने भी पहले चेतावनी दी थी कि परमाणु ठिकानों पर हमला कभी नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे रिएक्टर कोर पिघलने का खतरा रहता है। ईरान ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए हर्जाने की मांग की है।

ईरान ने किन तारीखों और स्थानों पर हमले की जानकारी दी?

ईरान की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कई बार उसके परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों की मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

हमले की तारीख हमले का स्थान
1 मार्च 2026 Natanz प्लांट
17 मार्च 2026 Bushehr के नजदीक का इलाका
21 मार्च 2026 Natanz एनरिचमेंट फैसिलिटी

ईरान ने सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह इजरायल को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हिस्सा बनने के लिए मजबूर करे और उसके ठिकानों को IAEA की निगरानी में लाए। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमले नहीं रुके, तो वे भी क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं।