ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने 28 मार्च 2026 को जानकारी दी कि पिछले 30 दिनों से जारी युद्ध के दौरान उनके कई विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटरों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। इसमें तेहरान और इस्फ़हान के बड़े शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, जहाँ हवाई हमलों के कारण भारी तबाही हुई है।

किन विश्वविद्यालयों को बनाया गया निशाना और क्या हुआ नुकसान?

ईरानी सरकारी मीडिया IRNA और सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर सीधे हवाई हमले हुए हैं। 28 मार्च को तेहरान स्थित यूनिवर्सिटी की रिसर्च और एजुकेशनल इमारतों को काफी नुकसान पहुँचा है। इससे पहले 6 मार्च को भी इस्फ़हान में इसी तरह का हमला हुआ था। ईरान का आरोप है कि ये हमले उनकी शिक्षा और तकनीक की प्रगति को रोकने के लिए किए जा रहे हैं।

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्या आरोप लगाए?

ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति अब मानवीय संकट की तरफ बढ़ रही है। ईरान द्वारा साझा की गई जानकारी इस प्रकार है:

  • ईरान में अब तक 600 से ज़्यादा स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुँचाया गया है।
  • इन हमलों में अब तक छात्रों और शिक्षकों को मिलाकर 1,000 से अधिक लोग हताहत हुए हैं।
  • ईरान ने इज़राइल और अमेरिका पर युद्ध अपराध और नरसंहार की साज़िश रचने का आरोप लगाया है।
  • IRGC के कमांडर ने चेतावनी दी है कि इन हमलों का जवाब पिछली बार की तुलना में काफी अलग और सख्त होगा।

ईरान-इज़राइल युद्ध के ताजा हालात

यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच लगातार मिसाइल और हवाई हमले जारी हैं। ईरान का कहना है कि हमलावर उनकी सिविलियन बुनियादी संरचनाओं को निशाना बना रहे हैं। हमले की चपेट में आने वाले संस्थानों की पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ने भी इमारतों के ढहने और रिसर्च लैब के बर्बाद होने की पुष्टि की है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.