ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान के UN प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद से डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर चुप न रहने की अपील की है. ईरान का कहना है कि ये धमकियां पूरी दुनिया की शांति के लिए एक बड़ा खतरा हैं और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है.

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Trump ने क्या धमकियां दीं और ईरान का क्या कहना है?

ईरान के प्रतिनिधि ने UN में बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बमबारी करने और वहां के आर्थिक और ऊर्जा ढांचे को तबाह करने की बात कही है. उन्होंने परमाणु वैज्ञानिकों और बड़े अधिकारियों को निशाना बनाने तक की धमकी दी है. ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन बताया है. साथ ही मीनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को युद्ध अपराध कहा है जिसमें 168 बच्चों की मौत हुई थी. Red Cross की अध्यक्ष ने भी कहा कि आम नागरिकों को धमकी देना अमानवीय है.

IRGC और ईरानी सरकार की कड़ी चेतावनी

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कर दिया है कि अगर हमला हुआ तो यह युद्ध सिर्फ इलाके तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने चेतावनी दी है कि दुश्मन को ऐसी जगहों पर करारा जवाब मिलेगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी. राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी कहा कि ईरान किसी भी दबाव में नहीं आएगा और किसी भी देश को सम्मान के साथ ही बातचीत करनी होगी. मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करना चाहता है.

शांति की कोशिशें और मौजूदा हालात

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम घरिबाबदी ने शांति के लिए कुछ शर्तें रखी हैं. इनमें अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना, जमा फंड्स को वापस करना और समुद्री नाकेबंदी खत्म करना शामिल है. दूसरी तरफ ट्रंप ने कहा है कि अगर जल्द ही कोई डील नहीं हुई तो वह फिर से हमले शुरू कर देंगे. इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और अब वहां से गुजरने वाले जहाजों को मंजूरी लेनी होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने UN सुरक्षा परिषद से क्या मांग की है?

ईरान ने मांग की है कि UNSC डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर चुप न रहे क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है और कानून के खिलाफ है.

IRGC ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

IRGC ने कहा है कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो एक क्षेत्रीय युद्ध शुरू होगा और दुश्मन देशों को ऐसी जगहों पर करारा जवाब मिलेगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.