ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Mojtaba Hosseini Khamenei ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नया कानूनी ढांचा पेश किया है। नेशनल पर्शियन गल्फ डे के मौके पर उन्होंने ऐलान किया कि ईरान अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का प्रबंधन खुद करेगा और विदेशी हस्तक्षेप को खत्म करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक लाभ के लिए उठाया गया है।

तनाव और सुरक्षा को लेकर ईरान का रुख

ईरान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता Ali Zeinivand ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरान का है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान की सभ्यता को नहीं समझते, वे इस जलमार्ग के नीचे खत्म हो जाएंगे। ईरान का मानना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी अस्थिरता का मुख्य कारण है और वे इसे हटाना चाहते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य केंद्रों और समुद्री बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज में ईरान किसी भी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका ईरान का एक पुल या बिजली संयंत्र तबाह कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि अगर उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे क्षेत्र में मौजूद उन ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करेंगे जिनमें अमेरिका की रुचि है। ईरान के सरकारी मीडिया IRNA ने कई प्रांतों में धमाकों की सूचना दी है, हालांकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान अभी भी जारी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.