ईरान ने एक बार फिर दुनिया को साफ़ बता दिया है कि वह अपने यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) के अधिकार से समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है और दोनों देशों के बीच बातचीत में अभी भी काफी मतभेद हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद यूरेनियम संवर्धन को रोकने की समय सीमा को लेकर है। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को 5 साल के लिए रोकने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इसे नहीं माना। अमेरिका की मांग है कि इस गतिविधि को कम से कम 20 साल तक के लिए बंद किया जाए, जिस पर ईरान सहमत नहीं है।
ईरान का क्या कहना है और उसकी शर्तें क्या हैं?
ईरान के परमाणु प्रमुख Mohammad Eslami ने कहा कि संवर्धन रोकने की मांग केवल एक इच्छा है जिसे दफना दिया जाएगा। ईरान ने अमेरिका के सामने 10 सूत्रीय योजना रखी है, जिसमें दो प्रमुख शर्तें शामिल हैं:
- अमेरिका को ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को स्वीकार करना होगा।
- ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाना होगा।
परमाणु कार्यक्रम पर ईरान की मौजूदा रणनीति क्या है?
ईरान का कहना है कि वह Nuclear Non-Proliferation Treaty के तहत नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का अधिकार रखता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल तभी यूरेनियम को कम करने पर विचार करेगा जब सारे प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। फिलहाल ईरान बातचीत और सैन्य तैयारी दोनों रास्तों पर साथ चल रहा है।
