नई दिल्ली में BRICS देशों की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस मीटिंग में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दुनिया के सामने एक बड़ा मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को मिलकर ऐसी आर्थिक सुरक्षा बनानी चाहिए ताकि किसी भी संकट के समय देश बर्बाद न हों. ईरान ने इस दौरान अमेरिका और इसराइल की कार्रवाइयों पर भी कड़ा ऐतराज जताया है.
ईरान ने BRICS देशों से क्या मांग की?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा आर्थिक और सुरक्षा सिस्टम बहुत कमजोर हैं. उन्होंने चार मुख्य बातों पर जोर दिया:
- इनोवेशन: केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि शासन और विकास के तरीकों में भी बदलाव लाना.
- मजबूती (Resilience): अपना स्वतंत्र वित्तीय सिस्टम बनाना और रणनीतिक रिजर्व तैयार करना.
- सहयोग: सदस्य देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना.
- स्थिरता: लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक मॉडल अपनाना.
ईरान चाहता है कि BRICS देश अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित करें और मौद्रिक प्रणालियों में विविधता लाएं ताकि किसी एक देश के एकतरफा दबाव में न रहना पड़े.
UAE और अन्य देशों पर क्या आरोप लगे?
मीटिंग के दौरान ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर गंभीर आरोप लगाए. अराघची ने कहा कि UAE सैन्य कार्रवाइयों में ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर शामिल रहा है और उसने हमलों की निंदा नहीं की. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और इसराइल के साथ गठबंधन से UAE की सुरक्षा पक्की नहीं होगी. साथ ही, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के लिए अमेरिका और इसराइल की कड़ी निंदा करने की मांग की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वालों को अब नहीं बख्शा जाना चाहिए.
भारत और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?
इस मीटिंग की अध्यक्षता भारत कर रहा है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया में व्यापार, जलवायु और आर्थिक हालात बहुत अनिश्चित हैं. उन्होंने समुद्र के रास्तों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बहुत जरूरी बताया. वहीं, रूस ने भी मध्य पूर्व के संकट को सुलझाने के लिए ईरान के साथ सहयोग करने का भरोसा दिलाया है. ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम घरिबाबादी ने कहा कि BRICS में ईरान की मौजूदगी दुनिया में एक न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाने की कोशिश है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
BRICS देशों की बैठक कहां और कब हो रही है?
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली में हो रही है, जिसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत नए सदस्य देश शामिल हैं.
ईरान ने आर्थिक सुरक्षा के लिए किन चार बातों पर जोर दिया?
ईरान के विदेश मंत्री ने आर्थिक मजबूती के लिए इनोवेशन, रेजिलिएंस (लचीलापन), आपसी सहयोग और स्थिरता को सबसे जरूरी बताया है.