Iran ने BRICS देशों से की बड़ी मांग, कहा अब बातचीत छोड़ financial action और New Development Bank की सदस्यता पर दें ध्यान.

ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने 12 अगस्त 2026 को ब्रिक्स (BRICS) देशों के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ बैठकों और पॉलिसी पर बात करने का समय निकल चुका है, और सभी सदस्य देशों को मिलकर जमीन पर उतरकर काम करना चाहिए। भारत के जयपुर शहर में आयोजित ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स की बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। गवर्नर हेममती ने साफ किया कि आर्थिक और वित्तीय स्थिरता तभी संभव है जब दुनिया भर में शांति बनी रहे, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान हो और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पूरी तरह से पालन किया जाए। इस दौरान उन्होंने इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन के लिए भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक का आभार भी जताया।
लेन-देन का खर्च कम करने पर जोर
बैठक में बोलते हुए गवर्नर हेममती ने कहा कि सभी देशों को मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे आपसी व्यापार में आने वाला खर्च और जोखिम कम हो सके। उन्होंने सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं यानी नेशनल करेंसी में कारोबार को बढ़ावा देने और पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की जोरदार वकालत की। जब से ईरान ब्रिक्स ब्लॉक का हिस्सा बना है, तब से वह लगातार क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट, वित्तीय तकनीक यानी फिनटेक, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सस्टेनेबल फाइनेंस जैसे अहम मुद्दों पर काम कर रहा है। जयपुर में इस बैठक के दौरान गवर्नर हेममती ने अपने भारतीय समकक्ष Sanjay Malhotra से भी मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपसी बैंकिंग सहयोग और व्यापार को आसान बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
New Development Bank की सदस्यता पर नजर
ईरान की नजर अब न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सदस्यता हासिल करने पर है। ईरान सरकार एनडीबी को ब्रिक्स संगठन की एक बहुत बड़ी सफलता मानती है और इस बैंक के साथ अपने रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करना चाहती है। देश बाकी सदस्य देशों के समर्थन से जल्द ही इस बैंक की फुल मेंबरशिप पाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक ईरान बहुत जल्द एनडीबी में शामिल हो सकता है। गवर्नर हेममती ने अपनी इस यात्रा के दौरान एनडीबी की अध्यक्ष Dilma Rousseff से भी मुलाकात की। इस दौरान एनडीबी प्रमुख ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने में ईरान की भूमिका और उसकी क्षमता की जमकर तारीफ की। ईरान का यह मानना है कि ब्रिक्स देश अगर आपस में अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें, तो इससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी और आपसी व्यापार में तेजी आएगी। इसी दिशा में ईरान दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय मौद्रिक सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहा है।