ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने Chabahar Port को भारत के लिए एक सुनहरा दरवाजा बताया है जिससे एशिया और यूरोप तक पहुंच आसान हो जाएगी। उन्होंने भारत से अपील की है कि अमेरिका की पाबंदियों के बावजूद इस प्रोजेक्ट पर काम जारी रखे ताकि व्यापार बढ़ सके।
Chabahar Port से भारत को क्या फायदा होगा?
ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि यह पोर्ट भारत के लिए Central Asia, Caucasus और Europe तक पहुंचने का एक बड़ा रास्ता है। इससे भारत को कई फायदे होंगे:
- भारत पाकिस्तान को बायपास करके सीधे Afghanistan और Central Asian देशों के साथ व्यापार कर सकेगा।
- यूरोप और मध्य एशिया के देशों के लिए Indian Ocean तक पहुंच आसान हो जाएगी।
- India Ports Global Ltd (IPGL) ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 120 मिलियन डॉलर का निवेश उपकरणों की खरीद में किया है।
अमेरिका की पाबंदी और भारत की चुनौती क्या है?
इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी मुश्किल अमेरिका की पाबंदियां हैं। 26 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने भारत को दी गई छूट (waiver) खत्म कर दी है। अब भारत और ईरान के बीच मई 2024 में हुए 10 साल के समझौते को अमेरिकी जुर्माने से कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिली है।
भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कुछ विकल्पों पर विचार कर रही है:
- भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान दोनों के साथ बातचीत कर रहा है।
- ऐसी खबरें हैं कि भारत अपने हिस्से को कुछ समय के लिए किसी स्थानीय ईरानी कंपनी को ट्रांसफर कर सकता है ताकि पाबंदियों का असर न हो।
- इस साल के केंद्रीय बजट में भारत सरकार ने Chabahar के लिए कोई फंड नहीं रखा है।
क्षेत्रीय शांति और कूटनीति पर ईरान का नजरिया
विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भारत से अपील की है कि वह अपनी अच्छी छवि का इस्तेमाल करके पश्चिम एशिया में शांति लाने में मदद करे। उन्होंने कहा कि भारत फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में एक शांतिदूत की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए ट्रंप प्रशासन को मुख्य जिम्मेदार ठहराया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका की पाबंदी का Chabahar Port पर क्या असर पड़ा है?
26 अप्रैल 2026 को अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद अब भारत का 10 साल का समझौता कानूनी सुरक्षा में नहीं है, जिससे अमेरिकी जुर्माने का खतरा बढ़ गया है।
भारत ने इस प्रोजेक्ट में कितना निवेश किया है?
India Ports Global Ltd ने शाहिद बेहश्ती टर्मिनल के उपकरणों की खरीद के लिए लगभग 120 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।
