इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। ईरान ने International Telecommunication Union (ITU) से अपील की है कि वह उसके संचार बुनियादी ढांचे (communication infrastructure) पर हुए हमलों की निंदा करे। यह मामला तब सामने आया जब डिजिटल हमलों को लेकर दुनिया के कई बड़े देश आपस में भिड़ गए हैं।

🗞️: Kuwait New Vision: मानव अधिकारों को लेकर कुवैत ने कसी कमर, UN काउंसिल में दोबारा जगह पाने के लिए बनाया बड़ा प्लान

ITU में क्यों पहुंची बात और किन देशों ने लगाए आरोप?

ईरान चाहता है कि ITU उन हमलों की निंदा करे जो उसके कम्युनिकेशन सिस्टम पर हुए हैं। लेकिन इस मामले का दूसरा पहलू यह है कि GCC देशों (बहरीन, कुवैत, कतर, UAE) और जॉर्डन ने पहले ही ITU को एक पत्र भेजा था। 15 अप्रैल 2026 को भेजे गए इस पत्र में इन देशों ने आरोप लगाया कि 28 फरवरी 2026 से ईरान उनके टेलिकॉम सिस्टम पर बिना किसी उकसावे के हमले कर रहा है। GCC देशों ने ITU से मांग की है कि वह इस मामले में सख्त कदम उठाए और ईरान के इन हमलों की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव पास करे।

साइबर हमलों और इंटरनेट ब्लैकआउट का पूरा मामला

इस विवाद की जड़ 28 फरवरी 2026 को हुई घटना में है, जब अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा हमला किया था। इसके बाद साइबर हमलों का दौर शुरू हुआ और ईरान में करीब 47 दिनों तक इंटरनेट पूरी तरह बंद रहा। ईरान ने 17 अप्रैल 2026 से धीरे-धीरे इंटरनेट सेवाएं बहाल करना शुरू किया। साइबर एक्सपर्ट Timothy Haugh और Kevin Mandia ने बताया कि ईरान अब एनर्जी और पानी जैसे जरूरी सेक्टरों के सिस्टम (OT/ICS) को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है और इसके तरीके किसी अपराधी की तरह हैं।

समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स पर मंडरा रहा खतरा

ईरान ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है कि Strait of Hormuz में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स बहुत कमजोर कड़ी हैं। ये केबल्स पूरी दुनिया के इंटरनेट ट्रैफिक का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा संभालती हैं। अगर इन पर हमला होता है, तो पूरे क्षेत्र की डिजिटल अर्थव्यवस्था ठप हो सकती है। ऐसे में यह डर बढ़ गया है कि भविष्य में डिजिटल युद्ध का असर आम लोगों और व्यापार पर भी पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और GCC देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

मुख्य वजह टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले हैं। GCC देशों ने आरोप लगाया है कि ईरान उनके सिस्टम पर हमले कर रहा है, जबकि ईरान का दावा है कि उसके अपने सिस्टम पर हमले हुए हैं।

ईरान में इंटरनेट कितने दिनों तक बंद रहा?

28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी और इसराइली हमले के बाद ईरान में इंटरनेट लगभग 47 दिनों तक बंद रहा, जिसे 17 अप्रैल 2026 से बहाल किया गया।