ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने अमेरिका को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका के पास ईरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है. ग़ालिबफ़ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समाधान का रास्ता नहीं चुना, तो इसका आर्थिक बोझ वहां के टैक्स देने वाले आम नागरिकों पर पड़ेगा.

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ईरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव में क्या मुख्य मांगें हैं?

ईरान ने पाकिस्तान की मदद से अमेरिका को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से युद्ध को खत्म करने और अपनी संप्रभुता को बचाने की बात कही गई है. ईरान की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • 30 दिनों के भीतर युद्ध का पूरी तरह से अंत हो.
  • अमेरिका और इज़राइली हमलों के खिलाफ पुख्ता गारंटी मिले.
  • ईरान की सीमा के पास से अमेरिकी सेना पूरी तरह वापस जाए.
  • सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस मिले.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के प्रभाव और अधिकार को मान्यता मिले.
  • युद्ध के कारण हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए.

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रम्प ने इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने इस प्रस्ताव को ‘कचरा’ और ‘अस्वीकार्य’ बताया है. ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल होती है, तो वाशिंगटन फिर से बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. वर्तमान में युद्धविराम की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है.

परमाणु कार्यक्रम और सैन्य तनाव की वर्तमान स्थिति क्या है?

ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन को लेकर है. ईरान ने कहा है कि वह अपने यूरेनियम भंडार को कम करने के लिए तैयार है, लेकिन इसे देश से बाहर नहीं भेजेगा. वहीं, अमेरिका ने 20 साल तक संवर्धन रोकने की मांग की है जिसे ईरान ने ठुकरा दिया है. दोनों देशों की मांगों में बड़ा अंतर नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

ईरान की मांग/स्थिति अमेरिका की मांग/स्थिति
यूरेनियम भंडार कम करेगा, पर देश के भीतर रखेगा 20 साल तक संवर्धन पर पूरी रोक चाहिए
अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी क्षेत्रीय प्रॉक्सी और मिसाइल क्षमताओं पर प्रतिबंध
प्रतिबंधों की तत्काल समाप्ति परमाणु कार्यक्रम की सख्त सीमाएं तय करना

तनाव इतना बढ़ गया है कि 7 मई 2026 को अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोका और जवाबी कार्रवाई की. इसके अलावा, अमेरिका ने ईरानी तेल अधिकारियों और उनसे जुड़ी कंपनियों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अपना 14-सूत्रीय प्रस्ताव अमेरिका तक कैसे पहुँचाया?

ईरान ने इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से औपचारिक रूप से अमेरिका को सौंपा है.

मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने अमेरिकी जनता को लेकर क्या चेतावनी दी?

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका प्रस्ताव स्वीकार करने में देरी करता है, तो इसका भारी आर्थिक बोझ अमेरिकी करदाताओं (taxpayers) पर पड़ेगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.