ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी में एक नया मोड़ आया है. ईरान ने अमेरिका की मांगों के जवाब में 14 पॉइंट्स का एक संशोधित प्रस्ताव भेजा है. यह संदेश पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन पहुंचाया गया है ताकि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को स्थायी रूप से खत्म किया जा सके.
ईरान की 14 सूत्रीय मांगों में क्या-क्या शामिल है?
ईरान ने इस प्रस्ताव में साफ किया है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं बल्कि युद्ध का पूरी तरह अंत चाहता है. ईरान चाहता है कि सभी मुद्दों को 30 दिनों के भीतर सुलझा लिया जाए. उसकी मुख्य मांगों की लिस्ट नीचे दी गई है:
- अमेरिका की सेना को ईरान के आसपास के इलाकों से हटाना
- सभी आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म करना
- फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को वापस करना
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी खत्म करना और नेविगेशन के लिए नया सिस्टम बनाना
- युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई करना
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को समाप्त करना
अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का इस पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इस नए प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने इस प्रस्ताव को अपर्याप्त बताया और कहा कि यह अमेरिका की शर्तों को पूरा नहीं करता है. ट्रंप ने एक अधिक अनुकूल फॉर्मूले की मांग की है. व्हाइट हाउस ने अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया था कि वे ईरान के साथ युद्ध को खत्म मानते हैं, हालांकि क्षेत्र में अमेरिकी सेना अब भी तैनात है. अमेरिकी दूत Steve Witkoff ने पहले ही परमाणु मुद्दों पर जोर दिया था और मांग की थी कि ईरान परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू न करे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अपना प्रस्ताव किसके जरिए अमेरिका को भेजा?
ईरान ने अपना 14-पॉइंट वाला संशोधित प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन पहुंचाया है.
ईरान और अमेरिका की समय सीमा (Deadline) में क्या अंतर है?
ईरान चाहता है कि सभी मसले 30 दिनों में हल हो जाएं, जबकि अमेरिका ने दो महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था.