अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति समझौते की बातचीत के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि इस समझौते को लेकर ईरान के अंदर ही भारी मतभेद पैदा हो गए हैं. ईरान के नेता इस बात पर बंटे हुए हैं कि इस समझौते को आगे कैसे बढ़ाया जाए. जहां एक तरफ कुछ नेता बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ कट्टरपंथी गुट तनाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अमेरिका के आगे झुकने की ज़रूरत नहीं है.
ईरान के नेताओं में आखिर किस बात को लेकर है मतभेद?
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान के राजनीतिक गलियारों से अलग-अलग तरह के संकेत मिल रहे हैं. ईरान के कुछ नेताओं का मानना है कि केवल सैन्य ताकत और लड़ाई के दम पर देश में लंबे समय तक शांति नहीं लाई जा सकती. इसके लिए देश की आर्थिक स्थिति, सामाजिक मुद्दों और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना होगा. वहीं, ईरान के कट्टरपंथी और कुछ सैन्य नेता इस समझौते के खिलाफ हैं और अमेरिका के साथ कड़ा रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन ईरान के भीतर का यह विवाद बातचीत को प्रभावित कर सकता है.
क्या है यह समझौता और इसमें क्या हैं मुख्य शर्तें?
यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने और संघर्ष विराम (Ceasefire) को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने का एक प्रस्ताव है. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस समुद्री रास्ते को बिना किसी टैक्स के दोबारा खोला जाएगा और ईरान वहां से अपनी बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटाएगा. बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी धीरे-धीरे खत्म करेगा.
- परमाणु कार्यक्रम पर रोक: ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा और यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को सीमित रखेगा.
- फ्रीज किए गए पैसे की वापसी: ईरान की मांग है कि समझौते के तुरंत बाद अमेरिका में फंसे उसके लगभग 12 अरब डॉलर के फंड में से कम से कम 50 प्रतिशत पैसा तुरंत जारी किया जाए. ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने साफ किया है कि पैसे की वापसी के बिना कोई समझौता नहीं होगा.
ताजा विवाद और अमेरिका-ईरान के बीच का तनाव
समझौते की बातचीत के बीच ही ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में तनाव की खबरें भी आईं. ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी नौसेना के जहाजों को पीछे हटने के लिए मजबूर करने के लिए चेतावनी मिसाइलें और ड्रोन दागे. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. अमेरिकी कमांड का कहना है कि ईरानी बलों ने अमेरिकी जहाजों पर कोई हमला नहीं किया है और ऐसा करना संघर्ष विराम का सीधा उल्लंघन माना जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा यह विवाद कब शुरू हुआ था?
यह विवाद 28 फरवरी, 2026 को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद अब दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम को बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है.
ईरान इस समझौते में अमेरिका से क्या प्रमुख मांग कर रहा है?
ईरान की सबसे बड़ी मांग है कि अमेरिका उसके जब्त किए गए लगभग 12 अरब डॉलर के फंड को तुरंत जारी करे और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाए.
