Iran और America के बीच तनाव कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में एक अहम समझौते (MoU) पर साइन होने वाले हैं। इस बैठक की अगुवाई ईरान के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालिबफ़ और अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे।
राष्ट्रपति Donald Trump ने 16 जून को ऐलान किया कि जंग रोकने का सौदा हो गया है और अब यह दूसरे चरण में जा रहा है। इससे पहले 14 जून को राष्ट्रपति Trump, उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालिबफ़ ने डिजिटल तरीके से एक फ्रेमवर्क समझौते पर साइन किए थे। इस अंतरिम समझौते के जरिए पहले से लागू सीजफायर को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया जाएगा।
ईरानी डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर माजिद तख्त रवानची ने जानकारी दी कि इस MoU में लेबनान में युद्ध और कब्जे को खत्म करने, वहां पुनर्निर्माण और नुकसान की भरपाई की बात कही गई है। साथ ही, ईरान की जमी हुई संपत्ति को वापस दिलाने और Strait of Hormuz की नाकाबंदी हटाने पर भी सहमति बनी है।
उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि इस समझौते में ईरान के लिए प्रतिबंधों में बड़ी ढील (sanctions relief package) दी जाएगी। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Trump ने साफ किया कि इस समझौते के बाद भी ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत कभी नहीं मिलेगी।
इस पूरी बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई है। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर के बाद अब परमाणु मुद्दों जैसे यूरेनियम संवर्धन और स्टॉकपाइल पर नए सिरे से बातचीत शुरू होगी।