अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली एक बड़ी बैठक अचानक टल गई है। स्विट्जरलैंड में होने वाली इस मुलाकात को लेकर दोनों देशों में खींचतान चल रही है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक समझौते की सभी शर्तें पूरी तरह लागू नहीं होतीं, वह आखिरी दौर की बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा।

📰: ईरान की अमेरिका से बड़ी मांग, बोले इसराइल को समझौते का पालन करने पर मजबूर करे वॉशिंगटन

यह बैठक 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होनी थी, जिसमें पाकिस्तान और कतर भी मध्यस्थ के तौर पर शामिल होने वाले थे। व्हाइट हाउस ने बैठक टलने की वजह ‘लॉजिस्टिक्स’ यानी व्यवस्थाओं की कमी बताई है। वहीं, ईरान का कहना है कि लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियानों की वजह से उन्होंने इस बैठक में शामिल होने का फैसला टाल दिया है।

ईरान ने रखी कड़ी शर्तें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि अंतिम समझौते के लिए बातचीत तभी शुरू होगी जब MoU (समझौता ज्ञापन) के पैराग्राफ 1, 4, 5, 10 और 11 को पूरी तरह लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत और IAEA के निरीक्षकों को बुलाने का फैसला भी इसी समझौते की शर्तों पर निर्भर करेगा।

समझौते की मुख्य बातें

अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते पर 18 जून 2026 को डिजिटल साइन हुए थे। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 17 जून को फ्रांस के वर्साय में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान फिजिकल कॉपी पर साइन किए थे। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे।

समझौते की कुछ अहम शर्तों को इस टेबल में देखा जा सकता है:

विषय शर्त और समय सीमा
परमाणु बातचीत 60 दिनों के भीतर बातचीत होगी, तब तक वर्तमान स्थिति बनी रहेगी
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान ने 60 दिनों के लिए बिना टोल के रास्ता खोलने का फैसला किया
अमेरिकी नाकेबंदी अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरानी जहाजों से नाकेबंदी हटाएगा
तेल निर्यात अमेरिका तुरंत ईरानी तेल निर्यात के लिए छूट जारी करेगा
संपत्तियां और प्रतिबंध अंतिम समझौते के बाद प्रतिबंध हटेंगे और जमा संपत्ति वापस मिलेगी

अन्य देशों का रुख

इसी बीच 19 जून की सुबह इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम का समझौता हो गया है। हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया है कि इजरायल इस अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा नहीं है और वह इसकी शर्तों से बंधा हुआ नहीं है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बैठक रद्द होने के बाद सख्त लहजे में कहा कि ईरान अब “खत्म” हो चुका है और उसे इस डील से कोई पैसा नहीं मिलेगा। उन्होंने लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम की उम्मीद जताई है। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी अपनी स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित कर दी है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने MoU की प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।