अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच चल रही खींचतान अब एक नए मोड़ पर है। ट्रंप का दावा है कि दोनों देशों के बीच समझौता करीब है, जबकि ईरान की सरकार इसे सिरे से नकार रही है। इस गहमागहमी के बीच दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या वाकई युद्ध रुकने वाला है या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है।

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Trump के दावों और ईरान की सच्चाई

IRNA न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Donald Trump ने अब तक 39 बार यह कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता करीब है। ट्रंप ने यहाँ तक दावा किया कि उन्होंने ईरान पर होने वाले हमलों को रद्द कर दिया है क्योंकि बातचीत बड़े स्तर पर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने इस समझौते को मंजूरी दे दी है, जिससे Strait of Hormuz फिर से खुल जाएगा और अमेरिकी पाबंदियां हटेंगी।

ईरान सरकार का आधिकारिक बयान

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कर दिया है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें केवल अटकलें हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी बातों से पलट रहा है, इसलिए जब तक उनके ‘रेड लाइन्स’ का सम्मान नहीं होगा, कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा।

समझौते में किन बातों पर चर्चा हुई

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश 14 क्लॉज वाले एक समझौते (MoU) पर काम कर रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:

  • सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह खत्म करना।
  • अमेरिकी नौसेना के हमलों को रोकना।
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति (Frozen Assets) को वापस करना।

हालाँकि, ईरान ने फिलहाल परमाणु कार्यक्रम (Nuclear File) पर बात करने से मना कर दिया है।

ताज़ा हालात और बीच-बचाव

इस पूरे मामले में Qatar और Pakistan बीच-बचाव का काम कर रहे हैं। वहीं, 12 जून 2026 को International Atomic Energy Agency (IAEA) ने ईरान को अपने नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया है। माहौल अभी भी तनावपूर्ण है क्योंकि एक तरफ ट्रंप यूरोप में हस्ताक्षर की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के आधिकारिक सूत्र इसे नकार रहे हैं।