ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा भारी तनाव अब कुछ कम होता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्ते के लिए युद्धविराम पर अपनी सहमति दे दी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे अपनी ऐतिहासिक जीत करार दिया है और कहा है कि अमेरिका उनके 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर बातचीत के लिए तैयार हो गया है। इस पूरे समझौते में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और बातचीत के लिए इस्लामाबाद को चुना गया है।

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शांति वार्ता और युद्धविराम की मुख्य शर्तें

  • ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है।
  • दोनों देशों के बीच शांति वार्ता शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुरू होगी।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले बड़े हमलों की धमकी को फिलहाल वापस ले लिया है।
  • अमेरिका की मुख्य शर्त है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए तुरंत खोलना होगा।
  • ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम का मतलब युद्ध का अंत नहीं है और उनकी सेनाएं किसी भी गलती का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

मध्य पूर्व में शांति के लिए पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र की पहल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने इस शांति प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए कहा कि यह युद्धविराम लेबनान सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में लागू होगा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भरोसा दिया है कि अगर हमले पूरी तरह रुक जाते हैं, तो ईरान भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद रखेगा। इसराइल ने भी ट्रंप के इस फैसले का समर्थन किया है, लेकिन साफ किया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई इस युद्धविराम के दायरे में नहीं आती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस कदम का स्वागत किया है और इसे लंबे समय की शांति के लिए एक जरूरी शुरुआत बताया है। हालांकि, 8 अप्रैल को इसराइल और यूएई में मिसाइल अलर्ट की खबरें आईं, जिससे स्थिति अभी भी थोड़ी संवेदनशील बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.