ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान की कोशिशों के बाद अमेरिका ने सीजफायर की समय सीमा तो बढ़ा दी है, लेकिन ईरान अब भी कड़े रुख पर अड़ा है. ईरान ने साफ़ कह दिया है कि वह अब अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को देखते हुए ही अगला फैसला लेगा.

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ईरान ने सीजफायर के विस्तार पर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि देश अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के हिसाब से कदम उठाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका और इस्राइल के सैन्य हमलों के खिलाफ अपना बचाव करने का पूरा हक रखता है. ईरान का मानना है कि बातचीत केवल तभी होगी जब सही और जरूरी हालात बनेंगे.

बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट क्या है?

ईरान के यूएन राजदूत Amir Saeid Iravani ने साफ़ कर दिया है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक कोई नई बातचीत नहीं होगी. ईरान इस नाकाबंदी को सीजफायर का उल्लंघन और युद्ध की कार्रवाई मान रहा है. विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी इस बात पर जोर दिया कि बंदरगाहों को रोकना समझौते के खिलाफ है.

पाकिस्तान और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और डिप्टी पीएम Mohammad Ishaq Dar ने दोनों देशों से सीजफायर बढ़ाने की अपील की थी. राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के कहने पर सीजफायर तो बढ़ा दिया, लेकिन बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने से इनकार कर दिया. इसी वजह से अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance की इस्लामाबाद यात्रा भी टल गई है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.