पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़े युद्ध विराम समझौते की पुष्टि की है। इस समझौते में लेबनान और आसपास के अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और स्थायी शांति के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत होगी। पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और अब शुक्रवार को दोनों पक्षों के प्रतिनिधि बड़ी बातचीत के लिए जुटेंगे।
समझौते की मुख्य शर्तें और खास बातें
इस युद्ध विराम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए ईरान पर होने वाले हमलों और बमबारी को रोकने का फैसला किया है। इसके बदले में ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से खोलना होगा ताकि जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके। ईरान की ओर से एक 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी पेश किया गया है जिस पर आने वाले दिनों में चर्चा की जाएगी।
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| समझौते की अवधि | दो हफ्ते के लिए हमलों पर रोक |
| प्रमुख शर्त | Strait of Hormuz को फिर से खोलना |
| बैठक की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| शामिल देश | ईरान, अमेरिका, लेबनान और इसराइल |
| अगली तारीख | 10 अप्रैल 2026 को बड़ी बैठक |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान के पीएम और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर |
गल्फ और प्रवासियों पर होने वाला असर
मिडिल ईस्ट में शांति की इस खबर से खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है। तनाव कम होने से इस क्षेत्र में व्यापार और हवाई यात्राएं सुरक्षित होंगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ किया है कि अगर हमले रुकते हैं तो उनकी सेना भी अपनी कार्रवाई बंद कर देगी। हालांकि यूएई और इसराइल के पास मिसाइल अलर्ट की खबरें आई थीं, लेकिन इस समझौते से आने वाले हफ्तों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ गई है।
