तेहरान में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम समझौते को लेकर सरगर्मी काफी बढ़ गई है। शुक्रवार 22 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक की। दोनों नेताओं के बीच एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी मुलाकात है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और माना जा रहा है कि दोनों देश एक समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

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क्या है अमेरिका का नया प्रस्ताव और इसमें पाकिस्तान की भूमिका?

पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका ने ईरान को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिस पर ईरान गंभीरता से विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव में ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को रिलीज करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में कुछ ढील देने की बात कही गई है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने कोई नई छूट नहीं दी है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस डील को फाइनल कराने के लिए लगातार तेहरान के अधिकारियों और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात कर रहे हैं। जल्द ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी तेहरान का दौरा कर सकते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री और ईरानी अधिकारियों का क्या कहना है?

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका एक मजबूत और अच्छे समझौते पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने बातचीत की प्रक्रिया में कुछ सकारात्मक संकेत मिलने की बात स्वीकार की है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि वे समझौते के बेहद करीब हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिकी प्रस्ताव मिल गया है और वे इस पर अपनी समीक्षा कर रहे हैं। इस समझौते में थर्ड-पार्टी मॉनिटरिंग यानी किसी तीसरे पक्ष द्वारा निगरानी रखने के विकल्प पर भी चर्चा हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक मुख्य मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अमेरिकी प्रस्तावों को ईरान तक पहुंचाने और दोनों देशों के बीच सहमति बनाने के लिए लगातार तेहरान के दौरे कर रहे हैं।

अमेरिका के नए प्रस्ताव में ईरान को क्या फायदे मिल सकते हैं?

नए प्रस्ताव में ईरान के विदेशों में फंसे हुए पैसों (frozen assets) को वापस पाने और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि उनके परमाणु कार्यक्रम पर कोई नई रियायत नहीं दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com