ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के रवैये को पाखंडी और विरोधाभासी बताया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सीज़फ़ायर यानी युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी है ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे, लेकिन दोनों देशों के बीच शब्दों की जंग तेज़ हो गई है।

अमेरिका ने सीज़फ़ायर की समय सीमा क्यों बढ़ाई?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 और 22 अप्रैल 2026 को सीज़फ़ायर बढ़ाने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि उन्हें लगता है कि ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर बंटी हुई है। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Asim Munir ने भी अमेरिका से अपील की थी कि ईरान के नेतृत्व को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय दिया जाए। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना की नाकाबंदी जारी रहेगी और वे किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।

ईरान ने अमेरिका के दावों पर क्या जवाब दिया?

ईरान के राष्ट्रपति Pezeshkian ने कहा कि उनका देश हमेशा बातचीत और समझौते के लिए तैयार रहा है, लेकिन अमेरिका की धमकियां और प्रतिबंध सच्ची बातचीत में बाधा बन रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के Seyyed Mehdi Tabatabaei ने ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने ईरान की सरकार को बंटा हुआ बताया था। वहीं, ईरान के संसदीय सलाहकार ने इस सीज़फ़ायर को अमेरिका की एक चाल बताया और कहा कि यह अचानक हमला करने के लिए समय जुटाने का तरीका है।

Strait of Hormuz में ताजा हालात क्या हैं?

तनाव के बीच 22 अप्रैल 2026 को खबर आई कि ईरान ने Strait of Hormuz में दो जहाजों पर फायरिंग की है। अमेरिका ने अभी भी ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी हुई है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि बातचीत के लिए अभी कोई निश्चित समय तय नहीं हुआ है। अमेरिका का इरादा ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान को एक प्रस्ताव भेजा गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.