Iran Uranium Enrichment: ईरान ने रखी बड़ी शर्त, यूरेनियम संवर्धन का हक मिलने पर ही होगा स्थायी सीजफायर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति की कोशिशों में एक नया मोड़ आया है. ईरान के परमाणु संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थायी युद्धविराम समझौते के लिए ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करना अनिवार्य है. यह मांग ईरान के उस 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव का मुख्य हिस्सा है जिसे पाकिस्तान की मध्यस्थता में पेश किया गया है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल में बातचीत की जमीन तैयार की जा रही है.
ईरान और अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर है गहरा विवाद?
ईरान और अमेरिका की मांगों में काफी बड़ा अंतर है जिसके कारण भविष्य की बातचीत काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है. ईरान चाहता है कि उसे अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखने का हक मिले लेकिन अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म करने की जिद पर अड़ा है. मुख्य विवादित बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है.
| प्रमुख मुद्दा | ईरान की मुख्य मांग | अमेरिका का रुख |
|---|---|---|
| यूरेनियम संवर्धन | संवर्धन का अधिकार जरूरी | संवर्धन पूरी तरह बंद हो |
| आर्थिक प्रतिबंध | सभी प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं | हथियार छोड़ने पर विचार |
| अमेरिकी सेना | मिडल ईस्ट से पूरी वापसी | क्षेत्र में तैनाती जारी रहेगी |
| स्ट्रेट ऑफ होर्मुज | ईरान का पूर्ण नियंत्रण | अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के नियम |
क्या पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से निकलेगा कोई ठोस हल?
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 10 अप्रैल 2026 से दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा शुरू होने वाली है. हालांकि 7 अप्रैल से दो हफ्ते का सीजफायर लागू कर दिया गया है लेकिन हाल ही में लेबनान में हुए इजरायली हमलों ने इस समझौते को थोड़ा कमजोर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कुछ प्रस्तावों को धोखाधड़ी करार दिया है जिससे वार्ता शुरू होने से पहले ही मतभेद गहरे हो गए हैं. अब सबकी नजरें इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग पर हैं कि क्या वहां कोई बीच का रास्ता निकलता है या नहीं.




