ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्ध विराम का समझौता टूटने की खबर आ रही है। ईरान के सैन्य बल आईआरजीसी ने अमेरिका और इसराइल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि उसने सभी मोर्चों पर युद्ध विराम की शर्त के साथ समझौता स्वीकार किया था, लेकिन लेबनान पर हमले करके इस शर्त को तोड़ दिया गया है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव बहुत बढ़ गया है और खाड़ी देशों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

समझौता टूटने के बाद ईरान ने क्या कदम उठाए?

युद्ध विराम टूटने के बाद ईरान ने सीधे इसराइल पर कई मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद इसराइल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि लेबनान में हमला करके अमेरिका और इसराइल ने अपने वादे को पूरा नहीं किया है।

  • मिसाइल हमले: ईरान ने 7 जून 2026 को इसराइल की तरफ कई मिसाइलें दागीं। इसके बाद इसराइली सेना ने दूसरे दौर के हमलों की भी चेतावनी दी है।
  • नेताओं के बयान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने कहा था कि एक मोर्चे पर समझौता टूटना सभी मोर्चों पर समझौता टूटना माना जाएगा। वहीं ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाघेर गालिबफ ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इसराइली संपत्तियों को वैध निशाना बताया है।
  • कुवैत और बहरीन पर असर: इन हमलों के बीच कुवैत और बहरीन को भी ईरानी मिसाइलों द्वारा निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका और इसराइल ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?

इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़े कदम उठाने की बात कही है। अमेरिका ने ईरान की हरकतों के जवाब में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • अमेरिकी जवाबी कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ड्रोनों को मार गिराने और ईरान के रडार ठिकानों पर हमला करने की पुष्टि की है। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी भी लागू कर दी है।
  • डोनाल्ड ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह लेबनान को इस समझौते का हिस्सा बनाने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन ईरान के साथ एक समझौते के बहुत करीब हैं जहां ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गया है।
  • इसराइल का रुख: इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत में हवाई हमलों के आदेश दिए हैं और कहा है कि जब तक हिजबुल्लाह का खतरा खत्म नहीं हो जाता, वे अपने हमले जारी रखेंगे। इस हमले में बेरूत में दो लोगों की मौत और ग्यारह लोग घायल हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की मुख्य शर्त क्या थी?

ईरान के आईआरजीसी के अनुसार, युद्ध विराम की मुख्य शर्त यह थी कि यह सभी मोर्चों पर लागू होना चाहिए, जिसमें लेबनान भी शामिल था।

लेबनान में हुए हमलों में क्या नुकसान हुआ है?

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए इसराइली हवाई हमलों में दो लोगों की मौत हुई है और ग्यारह लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या जवाबी कार्रवाई की है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ड्रोनों को मार गिराया है, ईरान के रडार ठिकानों पर हमले किए हैं और ईरान के खिलाफ एक अमेरिकी नाकेबंदी लागू की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.