ईरान के सिरिक शहर और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में जोरदार धमाकों की खबरें आई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब इसमें आम लोगों और नाविकों की जान जा रही है। इस सैन्य टकराव में तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर ने सबको चिंता में डाल दिया है।
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले
US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। अमेरिका ने इन हमलों को डिफेंसिव स्ट्राइक बताया है। इन हमलों में मुख्य रूप से ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम, संचार व्यवस्था और एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की लगातार शत्रुतापूर्ण हरकतों के जवाब में की गई है।
ईरान का पलटवार और होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने पुष्टि की है कि दुश्मन के प्रोजेक्टाइल्स ने सिरिक शहर में हमला किया। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 8 अप्रैल 2026 को हुई सीजफायर अब बेमानी हो गई है। ईरान की सेना (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी एयरफोर्स के अल-अज़राक़ बेस पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। साथ ही, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है और चेतावनी दी है कि वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर फायरिंग की जा सकती है।
भारतीय नाविकों की मौत से दुख
इस पूरे विवाद के बीच भारत के लिए एक बुरी खबर आई है। एक भारतीय अधिकारी के अनुसार, ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं। इस घटना से खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और नाविकों के बीच डर का माहौल है।
तनाव और चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर किसी अमेरिकी की जान जाती है, तो अमेरिका का जवाब बहुत भयानक होगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
