ईरान ने अमेरिका पर लगाया बड़ा आरोप, कमर्शियल जहाज पर हमले को बताया ‘युद्ध अपराध’, बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक कमर्शियल जहाज M/V Touska पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ने इस पूरी कार्रवाई को युद्ध अपराध और सीज़फायर समझौते का उल्लंघन बताया है।

अमेरिका ने ईरानी जहाज को क्यों पकड़ा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि US Navy के जहाज USS Spruance ने M/V Touska को बीच समुद्र में रोका था। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। US Central Command (CENTCOM) के अनुसार, जहाज को छह घंटे तक चेतावनी दी गई लेकिन उसने बात नहीं मानी, जिसके बाद उसका इंजन बंद कर दिया गया। यह जहाज अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिबंधों की लिस्ट में शामिल था।

ईरान ने इस हमले को ‘युद्ध अपराध’ क्यों कहा?

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने 21 अप्रैल को कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी और जहाज पर हमला एक युद्ध अपराध है। उन्होंने साफ किया कि यह 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए सीज़फायर समझौते का सीधा उल्लंघन है। ईरान की सैन्य कमान ने इसे समुद्री डकैती करार दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा और देश किसी भी हमले के लिए तैयार है।

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर हमला शुरू हुआ
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का सीज़फायर लागू हुआ
11 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत विफल रही
19 अप्रैल 2026 USS Spruance ने M/V Touska जहाज को ज़ब्त किया
21 अप्रैल 2026 ईरानी न्यायपालिका ने हमले को युद्ध अपराध घोषित किया