ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य टकराव में आम लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 27 जून से 23 जुलाई 2026 के बीच हुई सैन्य कार्रवाई में 55 लोगों की मौत हो गई है और 629 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने इस बात की पुष्टि की है।
तनाव के चलते बढ़ रही मौतों की संख्या
लगातार बढ़ते तनाव के बीच मौतों का आंकड़ा तेजी से ऊपर गया है। इससे पहले 18 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्रालय ने 50 मौतों की जानकारी दी थी, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ताजा जानकारी के अनुसार, अभी भी 36 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और बाकी घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह सब तब शुरू हुआ जब 8 जुलाई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए पुराने समझौते (सीजफायर) को रद्द करने का ऐलान कर दिया था।
क्षेत्रीय सुरक्षा और सप्लाई चेन पर असर
इस टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले जहाजों की आवाजाही और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर भी पड़ रहा है। कई बार हवाई क्षेत्र (airspace) को भी बंद करना पड़ा है। पेंटागन ने भी अपने नुकसान की जानकारी दी है और बताया है कि पिछले दो हफ्तों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। पेंटागन ने 28 फरवरी 2026 के बाद से अपने कुल 14 सैनिकों की मौत की बात स्वीकारी है।
