ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब 59वें दिन में पहुंच गया है। इस बीच ईरान ने शांति के लिए नए रास्ते तलाशे हैं और दुनिया के बड़े देशों से बातचीत शुरू की है। डोनाल्ड ट्रम्प ने भी संकेत दिए हैं कि अगर ईरान चाहे तो सीधे बात कर सकता है। अब देखना यह है कि क्या ये कोशिशें युद्ध को रोकने में कामयाब होंगी।
ईरान का शांति प्रस्ताव और ट्रम्प की शर्त क्या है?
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि पहले Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए और जंग को रोका जाए, जबकि परमाणु समझौतों पर बातचीत बाद में की जा सकती है। यह संदेश पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया।
- Donald Trump ने साफ किया कि ईरान अगर बात करना चाहता है तो सीधे फोन कर सकता है।
- ट्रम्प ने शर्त रखी कि कोई भी समझौता ऐसा होना चाहिए जिससे ईरान कभी परमाणु हथियार न बना पाए।
- उन्होंने इस्लामाबाद जाने वाले अमेरिकी दूतों का दौरा रद्द कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि बिना ठोस नतीजे के बात करना बेकार है।
रूस, सऊदी अरब और अन्य देशों की क्या भूमिका है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस मामले में कई देशों से संपर्क किया है। उन्होंने 27 अप्रैल 2026 को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के लिए सेंट पीटर्सबर्ग का दौरा किया। इसके अलावा उन्होंने ओमान और पाकिस्तान के साथ भी बातचीत की है।
- ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपनी “रेड लाइन्स” यानी अपनी मुख्य शर्तें बताई हैं।
- विदेश मंत्री अरगची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बात की ताकि युद्धविराम को स्थिर रखा जा सके।
- अरगची ने शांति वार्ता में आ रही रुकावटों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
युद्ध के बीच अभी क्या हालात हैं?
एक तरफ बातचीत की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर तनाव बरकरार है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी कर रखी है और जहाजों को रोका जा रहा है।
- ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट पिछले 59 दिनों से जारी है।
- दक्षिण लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच जंग जारी है, जिसमें 26 अप्रैल को हुए हमलों में 14 लोग मारे गए।
- यूरोपीय संघ (EU) ने कहा है कि ईरान पर से प्रतिबंध हटाना अभी जल्दबाजी होगी।
- अमेरिकी नौसेना ने Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है।