मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और कुवैत की सेना ने ईरान की तरफ से किए गए बड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। अमेरिकी सेना के अनुसार ईरान ने पांच खतरनाक ड्रोन दागे थे जिन्हें समय रहते रोक दिया गया। इसके अलावा कुवैत की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी कुवैती सुरक्षा बलों ने मार गिराया है जिससे बड़ा खतरा टल गया है।

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ईरान ने दागे 5 ड्रोन और कुवैत की तरफ चलाई मिसाइल

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 28 मई 2026 की सुबह ईरानी सुरक्षा बलों ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास पांच एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन लॉन्च किए थे। ये ड्रोन वहां मौजूद जहाजों और सुरक्षा बलों के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे जिन्हें अमेरिकी सेना ने समय रहते नष्ट कर दिया। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास (Bandar Abbas) में स्थित ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन से लॉन्च होने वाले छठे ड्रोन को भी रोक दिया।

इसके ठीक पहले 27 मई की रात को ईरान की तरफ से कुवैत की दिशा में एक बड़ी बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी। इस मिसाइल को कुवैत की सेना ने हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इसे संघर्ष विराम समझौते का बड़ा उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ ईरानी सेना (IRGC) का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में कुवैत में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया था और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अमेरिकी तेल टैंकर का सामना किया था।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और नए आर्थिक प्रतिबंध

इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में स्थित सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं। तीन दिनों के भीतर अमेरिका की तरफ से ईरान के ठिकानों पर किया गया यह दूसरा हमला है। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है जिससे क्षेत्र में शांति बनी रहे।

इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की संस्था ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह संस्था स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूली करती है जिसे अमेरिका ने जबरन वसूली बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर कहा है कि वे ईरान के साथ बातचीत की प्रगति से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं और अगर सही समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है। दूसरी तरफ ईरान के राजनयिक मजीद नीली अहमदाबादी ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है और यूरोपीय देशों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने कुवैत पर कौन सी मिसाइल दागी थी और क्या नुकसान हुआ?

ईरान ने कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी जिसे कुवैत की सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले से कुवैत में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या जवाबी कार्रवाई की है?

अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं और अमेरिकी ट्रेजरी ने खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों से वसूली करने वाली ईरानी संस्था पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।