ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब काफी बढ़ गया है। 31 जुलाई 2026 को ईरान की सेना ने 27वें चरण के तहत आत्मघाती ड्रोन्स से अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। ईरान का कहना है कि यह कदम Qeshm Island पर हुए उस हमले का बदला है, जिसमें एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।

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कुवैत और अन्य इलाकों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने Operation Nasr-2 के तहत कुवैत में स्थित अमेरिकी Ahmed Al Jaber बेस पर हमला करने का दावा किया है। इस हमले में दो ड्रोन हैंगर और एक फ्यूल डिपो को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इसके अलावा, ईरान ने जॉर्डन में भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है, हालांकि अमेरिकी सेना ने इन दावों को पूरी तरह नकारा है।

अमेरिकी सेना और गठबंधन की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 20 लड़ाकों और 6 ईरानी सलाहकारों की मौत की खबर है। इराक के राष्ट्रपति ने इस कार्रवाई को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इस संघर्ष के बीच आम लोगों और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें कुवैत में एक वर्कर की मौत और मिस्र के बंदरगाह पर जहाजों में आग लगने जैसी घटनाएं शामिल हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com