मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ रहा है और US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ लगातार आठवीं रात भी हमले जारी रखे। यह कार्रवाई 18 जुलाई 2026 की शाम से शुरू हुई, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का जवाब देना है। US Defense Secretary Pete Hegseth ने जॉर्डन में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की शहादत पर दुख जताया और कहा कि यह बलिदान उनके इरादों को और मजबूत करता है।

हमले का असर और ईरान की जवाबी कार्रवाई

इस संघर्ष की शुरुआत 17 जुलाई 2026 को जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर हुए हमले से हुई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, चार घायल हुए और एक लापता बताया जा रहा है। अमेरिका ने इसके जवाब में ईरान के बंदरगाहों पर नौसेना नाकाबंदी लागू कर दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने इसे सिरे से खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिका को इसका करारा जवाब मिलेगा। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते को भी फिलहाल निलंबित कर दिया है।

कुवैत और अन्य क्षेत्रों में नुकसान

ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित दो अमेरिकी ठिकानों Al-Udairi Camp और Ali Al-Salem Air Base को निशाना बनाया है। इस हमले के कारण कुवैत के एक महत्वपूर्ण तेल संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचा है और वहां तैनात कर्मियों के घायल होने की खबर है। साथ ही, जॉर्डन ने शनिवार सुबह अपनी सीमा में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। ईरान के हाजीबाद, बंदर अब्बास, कशम द्वीप और शादेगन के पास भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.