ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। 17 जुलाई 2026 को ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता Hossein Kermanpour ने जानकारी दी कि 22 जून से शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक कम से कम 38 लोगों की जान जा चुकी है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हताहतों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इन हमलों में 8 लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हो गए। अमेरिकी हमलों से होर्मोजगन प्रांत में 6 पुल क्षतिग्रस्त हो गए और Chabahar पोर्ट पर एक टावर गिर गया। ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने माना है कि बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है, जिसके कारण दक्षिणी इलाकों में बिजली की खपत कम करने की अपील की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यदि बातचीत शुरू नहीं हुई तो वे पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएंगे।

ईरान का पलटवार

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, ओमान और कतर में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान और फाइटर जेट्स को नष्ट कर दिया है। इसके अलावा, सीरिया के Al-Tanf में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स सेंटर पर भी हमला किया गया, जिसमें कई अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है। जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में प्रवेश करने वाली 3 मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। इस स्थिति पर China और Pakistan ने शांति बनाए रखने और बातचीत पर लौटने की अपील की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.