ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और अधिक गंभीर हो गया है। IRNA समाचार एजेंसी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 तक अमेरिका की तरफ से लगातार 13 रातों तक हमले किए गए। इन हमलों के कारण ईरान के अलग-अलग शहरों में अब तक 55 लोगों की जान जा चुकी है और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालिया बमबारी में 4 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
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हमलों का दायरा और नुकसान
अमेरिकी सेना CENTCOM ने बताया कि यह हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए। इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन रखने वाली जगहें, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र को निशाना बनाया गया। Khorramabad, Jask, Ahvaz और Bandar Abbas जैसे शहरों में भारी तबाही हुई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि वे इसका जवाब देंगे और अपनी रक्षा का अधिकार रखते हैं।
क्षेत्रीय तनाव और असर
ईरान की सेना ने भी जवाब में Bahrain में अमेरिकी ठिकानों, जैसे Sheikh Isa Airbase और जॉर्डन के Al-Azraq एयरबेस पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इसके अलावा कुवैत और इराक में भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोही गुट ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इस तनाव की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में काफी कमी आई है, जिससे वैश्विक व्यापार और आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
