ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब और बढ़ गया है। 21 जुलाई 2026 को ईरान के महशहर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRIB ने भी इसकी पुष्टि की है। इससे एक दिन पहले ही ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पूर्ण युद्ध की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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कई शहरों में हुआ हमला
सिर्फ महशहर ही नहीं, बल्कि Tabriz, Chabahar, Konarak, Bandar Imam Khomeini, Bandar Abbas, Sirik, Qeshm और Isfahan जैसे शहरों में भी धमाके हुए हैं। तबरीज में हुए हमलों में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने बताया कि उन्होंने ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है, जिनका इस्तेमाल व्यापारिक जहाजों पर हमले के लिए किया जाता था।
गल्फ देशों पर भी असर
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। साथ ही, रुक्बान में अमेरिकी बलों के एक ठिकाने और ओमान के पास दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया। इस स्थिति के कारण समुद्री रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि वे बातचीत के प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA से डारखोविन में बन रहे परमाणु संयंत्र पर अमेरिकी हमले की निंदा करने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम में पहले ही दो अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 100 सैनिक घायल हुए हैं।
