ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से Gulf के कई शहरों में रहना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। Economist Intelligence Unit (EIU) ने अपनी 2026 की ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई शहरों की रैंकिंग नीचे गिरती दिखी है। इसका सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और खासतौर पर भारतीय समुदाय के जीवन स्तर पर पड़ सकता है।
किन शहरों की रैंकिंग में कितनी आई गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान की राजधानी Muscat में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। यह शहर 14 पायदान गिरकर 123वें नंबर पर पहुंच गया है और इसका स्कोर अब 68 रह गया है, जो पिछले साल से 4 अंक कम है।
- Kuwait City: 12 पायदान गिरकर 105वें नंबर पर आया।
- Abu Dhabi: 4 पायदान गिरकर 76वें नंबर पर पहुंचा।
- Dubai: 4 पायदान गिरकर 79वें नंबर पर गया।
- Tehran: ईरान की राजधानी अब दुनिया के 10 सबसे कम रहने लायक शहरों में शामिल है और 164वें नंबर पर है।
EIU की इंडस्ट्री डायरेक्टर Ana Nicholls ने बताया कि Muscat और Kuwait City जैसे शहरों पर युद्ध का इतना ज्यादा असर पड़ेगा, यह उम्मीद नहीं थी। हालांकि, दुनिया भर का औसत लिवेबिलिटी स्कोर 76.1 पर स्थिर रहा, क्योंकि एशिया में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है जिससे Middle East की गिरावट की भरपाई हो गई।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सैन्य कार्रवाई
तनाव तब और बढ़ गया जब 8 जुलाई 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध में युद्धविराम (ceasefire) खत्म करने का ऐलान किया। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर सैन्य हमले किए और ईरानी तेल निर्यात के लिए दी गई अस्थायी छूट को भी वापस ले लिया।
इस बीच, Bahrain और Kuwait पर हुए सैन्य हमलों और Strait of Hormuz में जहाजों के साथ हुई दुश्मनी के बाद ओमान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी कदमों का समर्थन किया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
