16 जुलाई 2026 को ईरान के इरानशहर एयरपोर्ट पर अमेरिका ने फिर से हवाई हमला किया। यह लगातार पांचवीं या छठी रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले में एयरपोर्ट पर तीन जोरदार धमाके हुए, जिससे वहां की इमारतें और एयर ट्रैफिक सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
हमलों का बढ़ता दायरा और नुकसान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ये हमले ईरान की सैन्य शक्ति को कम करने के लिए किए जा रहे हैं। इस दौरान बंदर अब्बास के पास एक पुल को भी निशाना बनाया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन और ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है। गौरतलब है कि 8 जुलाई 2026 को दोनों देशों के बीच हुआ संघर्ष विराम पूरी तरह टूट चुका है, जिसके बाद से ही हालात बेकाबू हो गए हैं।
खाड़ी देशों पर असर और चेतावनी
इस संघर्ष का असर अब खाड़ी देशों तक पहुंच गया है। ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं। ईरान ने फिलहाल के लिए होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की तेल सप्लाई और ऊर्जा के दामों पर पड़ सकता है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका उनके बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले जारी रखता है, तो वे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देंगे। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखने का आदेश दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में कम से कम 35 नागरिकों की मौत की सूचना भी ईरान की तरफ से दी गई है।
