ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक नया मोड़ ले रही है। दुनिया के मशहूर पॉलिटिकल साइंटिस्ट जॉन मियाशाइमर का कहना है कि ईरान ने अब अमेरिका का मुकाबला करना पूरी तरह सीख लिया है। यह जानकारी ईरान की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी IRNA ने 20 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट में साझा की है।
ईरान के पास अमेरिका को रोकने के क्या तरीके हैं?
जॉन मियाशाइमर के मुताबिक, ईरान के पास ऐसे कई तरीके हैं जिनसे वह अमेरिका को मुश्किल में डाल सकता है। सबसे बड़ी ताकत Strait of Hormuz पर ईरान का कंट्रोल है, जिसकी मदद से वह पूरी दुनिया के व्यापार को ठप कर सकता है। इसके अलावा, ईरान के पास छोटे रेंज वाली मिसाइलें और ड्रोन हैं, जिनसे वह खाड़ी देशों के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकता है। मियाशाइमर ने कहा कि अमेरिका के पास इतने हथियार नहीं बचे हैं कि वह ईरान के साथ एक लंबी जंग लड़ सके और वह वहां सत्ता परिवर्तन जैसा लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा।
रूस, चीन और इसराइल का इस मामले में क्या रोल है?
रिपोर्ट के अनुसार, रूस और चीन इस समय ईरान की मदद करने के लिए काफी इच्छुक हैं क्योंकि वे अमेरिका की एक बड़ी हार देखना चाहते हैं। मियाशाइमर का मानना है कि अमेरिका की मिडिल ईस्ट पॉलिसी काफी हद तक इसराइल के हितों से प्रभावित रहती है और इसराइल ने ही अमेरिका को ईरान के खिलाफ उकसाने में मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर इसराइल को लगा कि ईरान के पास परमाणु क्षमता आ गई है, तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जॉन मियाशाइमर ने अमेरिका की जीत के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ इस जंग को नहीं जीत पाएगा और यह केवल एक लंबी खींचतान वाली लड़ाई बनकर रह जाएगी जिसमें अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर सकेगा।
ईरान किन हथियारों के दम पर अमेरिका का मुकाबला कर रहा है?
ईरान मुख्य रूप से ड्रोन और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है, जिनसे उसने अमेरिकी बेस और पोर्ट्स पर हमले किए हैं।
