अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हवाई हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को गंभीर अंजाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी है। इस बीच पड़ोसी देश कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
इस ताजा विवाद की शुरुआत 27 मई 2026 को हुई, जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास के पास एक ईरानी ड्रोन स्टेशन पर हवाई हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा दागे गए चार ड्रोन विमानों को मार गिराने के बाद आत्मरक्षा में की गई थी। इसके जवाब में 28 मई 2026 की सुबह ईरान की सेना यानी IRGC ने क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को संघर्ष विराम का गंभीर उल्लंघन बताया है और कहा है कि वे किसी भी हमले का जवाब दिए बिना नहीं रहेंगे।
कुवैत ने भी किया मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट
इस सैन्य टकराव का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। 28 मई 2026 को तड़के कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने हवाई क्षेत्र में घुस रहे संदिग्ध ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। ईरान के एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद मजीद मूसावी ने कहा है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार बैठी है और किसी भी नए हमले का तुरंत और कड़ा जवाब देने के लिए अंतिम आदेश का इंतजार कर रही है।
दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों का क्या कहना है?
- ईरान का रुख: IRGC ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमले किए, तो उसे इससे भी ज्यादा कड़े और निर्णायक जवाब का सामना करना पड़ेगा।
- अमेरिका का रुख: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिका ने यह कदम अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए उठाया है और यह पूरी तरह से बचाव में की गई कार्रवाई थी।
- नया प्रतिबंध: इस सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच यह ताजा सैन्य विवाद कब और कैसे शुरू हुआ?
यह ताजा सैन्य विवाद 27 मई 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास में एक ईरानी ड्रोन स्टेशन पर हमला किया, जिसके जवाब में 28 मई को ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
इस विवाद के दौरान कुवैत में क्या घटना हुई?
28 मई 2026 को तड़के कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने हवाई क्षेत्र में आ रहे संदिग्ध ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके हवा में ही मार गिराया।