अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बड़े युद्ध में बदल गया है। अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलें बरसा दी हैं। इस हमले में UAE और कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स भी निशाने पर रहे, जिससे वहां काफी हलचल मच गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उन्होंने ईरान के होर्मोज़गन क्षेत्र में मिसाइल ठिकानों और जहाजों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि यह हमला अपनी सुरक्षा के लिए किया गया था। वहीं, ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और पाकिस्तान की मदद से हुए समझौते (MoU) का खुला उल्लंघन बताया है।
जवाब में ईरान ने बड़ी संख्या में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ये हमले इजराइल और जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, इराक, सऊदी अरब और UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत और UAE के हवाई अड्डों पर भी हमले हुए हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका की कार्रवाई में ईरान के अब तक 940 लोग मारे गए हैं।
यह पूरा मामला तब हुआ जब दोनों देशों ने हाल ही में 14 सूत्रीय ‘इस्लामाबाद समझौता’ किया था। इस समझौते का मकसद युद्ध रोकना, प्रतिबंध हटाना और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करना था। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने डील करने में बहुत देर कर दी, इसलिए यह सैन्य कार्रवाई की गई।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अब खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि पड़ोसी देश अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलावरों को न करने दें, ताकि उनके खिलाफ हमलों को रोका जा सके।
