अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए दुनिया भर के देश कोशिश कर रहे हैं. ओमान और पाकिस्तान जैसे देश दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि युद्ध रुक सके और शांति बहाल हो. हाल ही में ओमान के सुल्तान और ईरान के विदेश मंत्री के बीच अहम बातचीत हुई है, जिससे उम्मीद जगी थी लेकिन अब हालात फिर उलझते दिख रहे हैं.
ईरान का नया प्रस्ताव क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक नया प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी (blockade) हटा लेता है और युद्ध खत्म होता है, तो ईरान Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण छोड़ देगा. हालांकि, ईरान ने यह शर्त रखी है कि उसके परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर चर्चा युद्ध खत्म होने और शिपिंग विवाद सुलझने के बाद ही की जाएगी.
अमेरिका और ट्रंप का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान की तरफ से एक बेहतर प्रस्ताव मिला है. लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि उनकी मुख्य शर्त यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. वहीं, Secretary of State Marco Rubio ने किसी भी ऐसे समझौते से इनकार कर दिया है जिसमें परमाणु कार्यक्रम की बात न हो. उनका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना सबसे जरूरी है.
ओमान और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq Al Said ने शांति के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात कही है. वहीं, पाकिस्तान की अगुवाई में मध्यस्थ (mediators) अमेरिका और ईरान के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में बातचीत धीमी पड़ गई है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूतों का इस्लामाबाद दौरा रद्द कर दिया था. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने ओमान और रूस का दौरा भी किया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz पर विवाद क्या है?
ईरान इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण रखता है. वह चाहता है कि अमेरिका उसकी नाकेबंदी हटाए, जिसके बदले में वह जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने पर विचार करेगा.
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता संभव है?
फिलहाल दोनों देशों के बीच मतभेद ज्यादा हैं. अमेरिका चाहता है कि परमाणु हथियारों का मुद्दा पहले सुलझे, जबकि ईरान इसे युद्ध खत्म होने के बाद पर चर्चा करना चाहता है.