अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। ईरान ने मंगलवार, 26 मई 2026 को अमेरिकी सेना द्वारा किए गए स्व-रक्षा हमलों और अपने बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका की यह हरकत उसकी बेईमानी और अविश्वसनीयता को सबके सामने लाती है। हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ दोनों देशों के बीच कतर के दोहा में शांति समझौता कराने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ सीमा पर बारूद बरस रहा है।

📰: Trump का नया फरमान: सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान तुरंत करें इसराइल से समझौता, हैरान हुए देश

ईरान ने लगाया सीजफायर उल्लंघन का आरोप, मार गिराया अमेरिकी ड्रोन

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिकी हमलों को 8 अप्रैल 2026 से लागू हुए सीजफायर का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के इस दुश्मनी भरे कदम का जवाब जरूर देगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे। इसी तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने वाले एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है और अन्य अमेरिकी विमानों पर भी फायरिंग की है।

अमेरिका ने दी हमलों पर सफाई, राष्ट्रपति ट्रंप ने रख दी ये बड़ी शर्त

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना ने अपने जवानों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में ये हमले किए थे। उन्होंने बताया कि इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइटों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नावों को निशाना बनाया गया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन उन्होंने शर्त रख दी है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम तुरंत नष्ट करना होगा या उसे अमेरिका को सौंपना होगा।

तनाव के बावजूद कतर में बातचीत जारी, कुछ दिनों में समझौते की उम्मीद

दोनों देशों के बीच 28 फरवरी 2026 को बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू हुआ था। अब इस संकट को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के वार्ताकार कतर के दोहा में मौजूद हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई है कि हालिया हमलों के बावजूद अगले कुछ दिनों में ईरान के साथ एक अंतिम समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दस्तावेज की कुछ बातों पर मतभेद सुलझाने में अभी कुछ दिन का समय लग सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर हालिया हमले क्यों किए हैं?

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के अनुसार, उन्होंने अपने जवानों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नावों को निशाना बनाया था।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कहां चल रही है?

दोनों देशों के बीच जारी तनाव को समाप्त करने और सीजफायर को मजबूत करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता आयोजित की जा रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुख्य शर्त क्या है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने मांग की है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम या तो तुरंत अमेरिका को सौंपना होगा या फिर उसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट करना होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.