ईरान की बड़ी चेतावनी: पावर प्लांट पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र का तेल और एनर्जी ढांचा होगा तबाह
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनके देश के पावर प्लांट पर कोई भी हमला हुआ, तो इसका जवाब तुरंत दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान चुप नहीं बैठेगा और पूरे क्षेत्र में मौजूद तेल और एनर्जी से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में काम कर रहे लोगों और दुनिया भर के बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप के अल्टीमेटम और ईरान की जवाबी कार्रवाई की पूरी जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को 48 घंटे का समय दिया था। ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो वे ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को नष्ट कर देंगे। इस अल्टीमेटम की समय सीमा सोमवार 23 मार्च को खत्म हो रही है। इसके जवाब में ईरान ने निम्नलिखित बातें कही हैं:
- ईरान के पावर प्लांट पर हमला होने पर क्षेत्र के सभी ऊर्जा और तेल बुनियादी ढांचे जायज टारगेट होंगे।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि देश के ढांचे पर हमला होने पर वे जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे।
- मिसाइल हमलों से अमेरिका और इजरायल के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination plants) को भी खतरा हो सकता है।
- ईरान ने पहले ही इजरायल के डिमोना और अराद शहरों में मिसाइलें दागकर अपनी ताकत का संकेत दिया है।
मिडिल ईस्ट में तेल की कीमतों और प्रवासियों पर क्या होगा असर
ईरान और अमेरिका के बीच इस टकराव का सीधा असर तेल की सप्लाई पर पड़ने वाला है। जानकारों का मानना है कि अगर युद्ध की स्थिति बनी तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी।
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। एजेंसी का कहना है कि किसी भी परमाणु ठिकाने या पावर प्लांट पर हमला एक बड़े हादसे को दावत दे सकता है। फिलहाल पेंटागन अपनी तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक जमीन पर सेना उतारने का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इस तनाव की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।




