अमेरिका के सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर Chuck Schumer ने ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष पर राष्ट्रपति Donald Trump की रणनीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस स्थिति को ‘पूरी तरह से आपदा की रेसिपी’ करार दिया है। 14 जुलाई 2026 को उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बिना किसी स्पष्ट योजना के पुरानी गलतियों को दोहरा रहे हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव गहरा गया है।
तनाव की मुख्य वजह और सैन्य कार्रवाई
यह विवाद तब और बढ़ गया जब 10 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस को सूचित किया कि 7 जुलाई से ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो गई है। इसका मुख्य कारण ईरान पर जून 2026 में हुए समझौते (MOU) का उल्लंघन करने का आरोप है। इसके तहत ईरान पर आरोप है कि उसने व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए हैं। जवाब में, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर सैन्य नाकेबंदी लागू कर दी है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले माल पर 20% सुरक्षा शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।
लगातार हो रहे हैं हमले
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Jordan, Bahrain और Kuwait में अमेरिकी सैन्य लक्ष्यों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस स्थिति ने खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता पैदा कर दी है। सीनेटर Adam Schiff ने भी सरकार से सवाल पूछा है और एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका का सैन्य अभियान कभी पूरी तरह बंद ही नहीं हुआ था, इसलिए बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई का नया 60 दिनों का समय कानूनी रूप से गलत है। यूरोपीय विदेश मंत्रियों ने ईरान के हमलों की निंदा करते हुए तत्काल संघर्ष विराम की मांग की है।
