ईरान की सेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उनके पावर प्लांट पर कोई भी हमला हुआ, तो वे Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर देंगे। यह बयान 22 मार्च 2026 को सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर वहां रहने वाले आम लोगों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

👉: Trump vs Iran: ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का पलटवार, पूरे क्षेत्र के पावर प्लांट और तेल अड्डों पर हमले की चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच क्या है पूरा मामला?

ईरान की सैन्य कमांड Khatam Al-Anbiya ने साफ तौर पर कहा है कि अगर उनके फ्यूल और एनर्जी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर Strait of Hormuz को बिना किसी खतरे के नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को तबाह कर देगा। IRGC ने भी चेतावनी दी है कि वे उन देशों के ऊर्जा केंद्रों को ‘वैध लक्ष्य’ मानेंगे जहां अमेरिकी बेस मौजूद हैं।

खाड़ी देशों और आम जनता पर क्या असर होगा?

  • हवाई हमला और सुरक्षा: UAE की एयर डिफेंस ने रविवार को बताया कि वे ईरान की तरफ से होने वाले हवाई हमलों का जवाब दे रहे हैं।
  • तेल की कीमतें: Strait of Hormuz के बंद होने से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई रुक सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं।
  • नया कानून: ईरान की संसद एक ऐसा बिल तैयार कर रही है जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से ‘सुरक्षित मार्ग’ के लिए फीस वसूली जाएगी।
  • प्रवासियों पर असर: खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि युद्ध के आसार बढ़ रहे हैं।
  • WHO की चेतावनी: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि परमाणु साइट्स के आसपास बढ़ते हमले इस जंग को एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर ले आए हैं।

मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित 20 से ज्यादा देशों ने ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिश की निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने कहा है कि समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसी बीच, ओमान के विदेश मंत्री ने ईरान के पलटवार को युद्ध की स्थिति में एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया है। जापान भी इस समुद्री रास्ते से माइन हटाने के लिए अपनी सेना भेजने पर विचार कर रहा है ताकि जहाजों का रास्ता साफ किया जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com