मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अब रुकती नजर आ रही है। रिटायर्ड जनरल मार्क किमेट ने कहा कि इस मामले में कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि अब यह मामला एक ठंडे युद्ध में बदल सकता है।

बातचीत में क्या दिक्कत आ रही है?

रिटायर्ड अमेरिकी जनरल Mark Kimmett ने Al Jazeera को बताया कि बातचीत में Hezbollah की गैरमौजूदगी एक बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि ईरान का प्रभाव और Strait of Hormuz के बदलते हालात बातचीत को रोक रहे हैं। उनकी मानें तो कोई भी पक्ष अपने लक्ष्यों से समझौता करने को तैयार नहीं है, इसलिए प्रगति होना मुश्किल है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या तनाव है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 अप्रैल 2026 को युद्धविराम को आगे बढ़ाया, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी। इसके जवाब में ईरान ने 22 अप्रैल को Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर हमला किया और दो को जब्त कर लिया। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf ने कहा कि जब तक नाकाबंदी रहेगी, तब तक रास्ता खोलना नामुमकिन है।

Hezbollah और इसराइल का क्या हाल है?

Hezbollah ने साफ कर दिया है कि वह इसराइल के साथ किसी भी सीधी बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा। 22 अप्रैल को Hezbollah ने इसराइल की सेना पर ड्रोन हमला भी किया। इस हमले ने अमेरिका द्वारा कराए गए युद्धविराम को और खतरे में डाल दिया है। ईरान समर्थित समूह कई देशों में अमेरिकी और इसराइली ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.