Iran US Conflict: Strait of Hormuz में ईरान ने जब्त किए दो जहाज, अमेरिका की नाकाबंदी से थम गया व्यापार

ईरान और अमेरिका के बीच समुद्र में तनाव बहुत बढ़ गया है और हालात अब टकराव की ओर जा रहे हैं। अमेरिका द्वारा एक ईरानी जहाज पकड़े जाने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दो विदेशी जहाजों को कब्जे में ले लिया है। इस लड़ाई की वजह से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है जिससे दुनिया भर के व्यापार पर असर पड़ सकता है।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

इस पूरे विवाद की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को हुई जब US Navy के जहाज USS Spruance ने Sea of Oman में ईरानी जहाज M/V Toska को जब्त कर लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद इस कार्रवाई की जानकारी दी। इसके जवाब में ईरान की IRGC ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया। ईरान के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है और वे इसके खिलाफ जरूरी कदम उठाएंगे।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्या कदम उठाए?

ईरान ने 24 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर फायरिंग की और MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। इससे पहले 21 और 22 अप्रैल को भी IRGC की गनबोट ने जहाजों पर हमला किया था जिससे एक जहाज के ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा। अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने ईरान की इन हरकतों को ‘डाकुओं जैसा व्यवहार’ बताया है। राष्ट्रपति Trump ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि जो भी जहाज समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करेगा उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाए।

समुद्री व्यापार और शांति वार्ता पर क्या असर पड़ा है?

इस तनाव का सबसे बड़ा असर जहाजों की आवाजाही पर पड़ा है। पहले जहाँ Strait of Hormuz से रोजाना करीब 140 जहाज गुजरते थे, वहीं 24 अप्रैल को यह संख्या घटकर सिर्फ 5 रह गई। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है और कई जहाजों को वापस मोड़ दिया है। इसी तनाव के कारण पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की शांति वार्ता को भी अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है क्योंकि ईरान ने नाकाबंदी खत्म किए बिना बातचीत से मना कर दिया।