ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद में अब विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। ईरानी मीडिया ने राष्ट्रपति Donald Trump के साथ किसी भी तरह के सीधे या अप्रत्यक्ष संपर्क से पूरी तरह इनकार किया है। वहीं ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी बातचीत हुई है। यह खबर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का सीधा असर उनके जीवन और रोजगार पर पड़ सकता है।

ईरानी मीडिया और दूतावास ने क्या दावे किए हैं?

ईरान की Fars समाचार एजेंसी ने एक अनाम सूत्र के हवाले से बताया कि अमेरिका के साथ न तो कोई सीधी बातचीत हुई है और न ही किसी बिचौलिये के जरिए कोई संदेश भेजा गया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि ट्रंप ने अपने कदम इसलिए पीछे खींचे हैं क्योंकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। काबुल में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे। इसमें खाड़ी देशों और इजरायल के पावर प्लांट शामिल हो सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

ट्रंप का बयान और सैन्य कार्रवाई टालने का फैसला

दूसरी ओर राष्ट्रपति Donald Trump ने इन दावों के विपरीत जानकारी साझा की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बताया कि मध्य पूर्व में दुश्मनी खत्म करने के लिए सकारात्मक चर्चा चल रही है। इसी के आधार पर उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले सभी सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए। यह फैसला उस समय आया है जब ट्रंप द्वारा Strait of Hormuz को खोलने के लिए दिया गया 48 घंटे का समय समाप्त होने वाला था। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या अगले पांच दिनों में कोई ठोस समाधान निकल पाता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.