ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump बातचीत की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पेंटागन मिडिल ईस्ट में अपने हजारों सैनिक तैनात कर रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सैन्य अभियान Operation True Promise 4 को जारी रखेगा और किसी भी दबाव में नहीं आएगा।

अमेरिका की सैन्य तैयारी और ईरान का रुख क्या है?

पेंटागन ने हाल ही में 82nd Airborne Division के लगभग 1,500 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दिया है। इससे पहले भी कई मरीन सैनिक क्षेत्र में भेजे जा चुके हैं, जिससे कुल अतिरिक्त सैनिकों की संख्या 7,000 के करीब पहुंच गई है। अमेरिका Kharg Island जैसे महत्वपूर्ण ईरानी तेल निर्यात केंद्रों पर नजर रख रहा है। दूसरी तरफ, ईरान के सैन्य कमांडर Maj Gen Ali Abdollahi Aliabadi ने कहा है कि जब तक पूरी जीत नहीं मिल जाती, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। ईरान का मानना है कि अमेरिका सिर्फ तेल बाजार को स्थिर करने के लिए बातचीत की झूठी खबरें फैला रहा है।

ईरान के मिसाइल हमले और मुख्य घटनाक्रम

ईरान की IRGC ने हाल ही में Operation True Promise 4 के तहत इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर कई मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों में Sejjil, Emad और Kheibarshekan मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। नीचे दी गई टेबल में हालिया सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों की जानकारी दी गई है:

तारीख मुख्य घटनाक्रम
25 मार्च 2026 अमेरिका ने और सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया
24 मार्च 2026 ईरान ने Operation True Promise 4 का 79वां चरण शुरू किया
24 मार्च 2026 Donald Trump ने ईरान के साथ बातचीत का दावा किया
23 मार्च 2026 संसद अध्यक्ष Ghalibaf ने बातचीत को फेक न्यूज करार दिया

क्या भविष्य में बातचीत की कोई उम्मीद है?

हालांकि ईरान सार्वजनिक रूप से बातचीत से मना कर रहा है, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में हलचल देखी जा रही है। अमेरिका चाहता है कि Vice President JD Vance और ईरान के Ghalibaf के बीच बातचीत का रास्ता निकले। इसके लिए Turkey को एक मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है जो दोनों देशों को एक मेज पर ला सके। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक किसी भी सीधी बातचीत की पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि जब तक दुश्मन का रुख नहीं बदलता, संघर्ष जारी रहेगा। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.