ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि वे इस सैन्य संघर्ष को लंबा खींचने की कोशिश न करें। IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebbi ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ढांचे को खत्म करना है। ईरान की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सैन्य हमले तेज हो गए हैं।
क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ
हालिया तनाव के बीच 15 जुलाई को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा कि ईरान का पूरा ध्यान केवल अपने राष्ट्रीय बचाव पर है और अभी अमेरिका के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। इसके उलट, IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों को रोकने और कुवैत व जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
आम लोगों और सुरक्षा पर असर
तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। 15 जुलाई को कुवैत ने ईरान की ओर से आए मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया, जबकि 16 जुलाई को बहरीन में सायरन बजने के बाद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। वहीं, तेहरान में भी ईरान की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रही।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और घेराबंदी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 और 15 जुलाई को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले तेज कर देगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान की मिसाइल साइटों को निशाना बनाया है और 16 जुलाई को एक तेल टैंकर M/T Belma को भी रोका है, जो नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। IRGC ने भी धमकी दी है कि जब तक अमेरिका की हरकतों का अंत नहीं होगा, वे व्यापारिक रास्तों को बंद रखने की नीति जारी रखेंगे।
