अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष 12 जुलाई 2026 को और अधिक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान ने एक परफेक्ट डील पर सहमति जताई थी, लेकिन उसके तुरंत बाद ईरान की ओर से ड्रोन और जहाज पर हमले किए गए। इस स्थिति के बाद अमेरिका ने ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
तनाव के बीच ईरान का बड़ा कदम
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे जून 2026 में पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता में किए गए समझौते का पालन कर रहे हैं। ईरान ने Strait of Hormuz को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की है। इस दौरान कुछ कमर्शियल जहाजों पर भी हमले की खबर है, जिनमें भारतीय नागरिकों के होने की जानकारी भी सामने आई है।
सीधे हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और 1000 मिसाइलें तैयार हैं। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने भी स्पष्ट किया कि ईरान ने गलत विकल्प चुना है। वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने कहा कि एकतरफा सौदों का समय अब खत्म हो चुका है। हालातों की गंभीरता के बावजूद, ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए Oman पहुंचा है ताकि आगे की स्थिति पर चर्चा की जा सके।
