ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholam-Hussein Mohseni Ejei ने चेतावनी दी है कि अमेरिका दोबारा हमले कर सकता है और देश को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए. इस तनाव के बीच क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और कई देशों पर इसका असर दिख रहा है. ईरान ने अपने सैन्य बलों को अलर्ट पर रखा है और बातचीत के बावजूद युद्ध की आशंका बनी हुई है.

ईरानी नेताओं ने युद्ध और बातचीत पर क्या कहा?

न्यायपालिका प्रमुख Ejei ने साफ किया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही फैसला लेगा और किसी बाहरी दबाव में नहीं आएगा. वहीं राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि युद्ध किसी के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन ईरान धमकियों के आगे झुकेगा नहीं. संसद स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने नाकाबंदी नहीं हटाई तो Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोकी जा सकती है.

युद्ध का असर और मौजूदा हालात क्या हैं?

इस संघर्ष में अब तक हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं, जिसमें बच्चों की संख्या भी काफी ज़्यादा है. अमेरिका ने डर के चलते इराक और कुवैत से अपने कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है. ईरान के अंदर भी उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है जिन पर दुश्मन देशों की मदद करने का आरोप है.

विवरण जानकारी
कुल मौतें 3,375 लोग
बच्चों की मौत 383 बच्चे
अमेरिका का कदम इराक और कुवैत से कर्मचारी हटाए
ईरान का दावा Strait of Hormuz पर पूरा नियंत्रण
न्यायिक कार्रवाई गद्दारों की संपत्ति ज़ब्त और फांसी
मध्यस्थ देश पाकिस्तान ने बातचीत कराई
क्षेत्रीय असर कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन रोके
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.